Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है सिरदरà¥à¤¦, कैसे महिलाà¤à¤‚ पा सकती हैं इससे छà¥à¤Ÿà¤•ारा
हर इंसान को अपने जीवन में कà¤à¥€ न कà¤à¥€ सिरदरà¥à¤¦ होता ही है लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सिरदरà¥à¤¦ होना परेशानी की बात है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से महिलाà¤à¤‚ पहले से ही चिड़चिड़ी रहती हैं, ऊपर से सिरदरà¥à¤¦ का होना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ परेशान कर देता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में सिरदरà¥à¤¦ के घरेलू उपाय
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं जिसकी वजह से आपको लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के रूप में शारीरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने लगती हैं। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ और बà¥à¤²à¤¡ वॉलà¥à¤¯à¥‚म में में बदलाव, अधिक वजन बढ़ने के कारण खराब पोसà¥à¤šà¤° की वजह से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ सामने आते हैं।
इनमें से कà¥à¤› बदलावों की वजह से सिरदरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है और इससे निपटने के लिठघरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–े à¤à¥€ मौजूद हैं। हालांकि, तेज सिरदरà¥à¤¦ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिà¤à¥¤
इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सिरदरà¥à¤¦ के कारण कारणों, लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और इलाज के बारे में बता रहे हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सिर दरà¥à¤¦ का कारण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के नौ महीनों में महिलाओं के शरीर में बहà¥à¤¤ तेजी से बड़े बदलाव आते हैं जिसकी वजह से अलग-अलग लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिल सकते हैं। सिरदरà¥à¤¦ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का à¤à¤• आम लकà¥à¤·à¤£ है।
रिसरà¥à¤š कहती हैं कि 39 फीसदी महिलाओं को पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान या डिलीवरी के तà¥à¤°à¤‚त बाद सिरदरà¥à¤¦ की परेशानी होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सिरदरà¥à¤¦ के सटीक कारण के बारे में पता नहीं है लेकिन इसका कारण हर तिमाही में अलग हो सकता है। तो चलिठजानते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की तिमाही के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सिरदरà¥à¤¦ के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
Gas problem in Pregnancy : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गैस कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बनती है?
-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
-
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के à¤à¥€ शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
-
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
-
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही
इन शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ तीन महीनों में टेंशन से सिरदरà¥à¤¦ होना आम बात है। इस समय शरीर कई बदलावों से गà¥à¤œà¤° रहा होता है और यही सिरदरà¥à¤¦ का कारण हो सकता है। हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव, वजन में उतार-चढ़ाव और बà¥â€à¤²à¤¡ वॉलà¥â€à¤¯à¥‚म जैसे बदलावों से सिरदरà¥à¤¦ टà¥à¤°à¤¿à¤—र हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में सिरदरà¥à¤¦ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में पानी की कमी, उलà¥â€à¤Ÿà¥€ और मतली, सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸, नींद की कमी, कैफीन जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेने, सही पोषण न लेने, लो बà¥â€à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल, शारीरिक गतिविधियां कम करने, रोशनी से आंखें चà¥à¤‚धियाने और आंखों की रोशनी में बदलाव आने की वजह सिरदरà¥à¤¦ हो सकता है।
डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥â€à¤Ÿà¥à¤¸, चॉकलेट, चीज और टमाटर के कारण à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को सिरदरà¥à¤¦ हो सकता है।
दूसरी और तीसरी तिमाही
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी और तीसरी तिमाही में हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण सिरदरà¥à¤¦ की शिकायत कम ही होती है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय शरीर बदलावों के साथ तालमेल बैठा चà¥à¤•ा होता है।
हालांकि, कà¥à¤› महिलाओं को पूरे नौ महीनों तक टेंशन की वजह से सिरदरà¥à¤¦ हो सकता है। अधिक वजन, हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°, मांसपेशियों पर तनाव पड़ने, गलत पोसà¥â€à¤šà¤°, नींद की कमी और खराब डाइट के कारण इस समय सिरदरà¥à¤¦ हो सकता है।
Gas problem in Pregnancy : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गैस कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बनती है?
-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
-
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के à¤à¥€ शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
-
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
-
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में सिरदरà¥à¤¦ का इलाज
कà¥à¤› मामलों में सिरदरà¥à¤¦ के घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों से पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को आराम मिल सकता है। 10 मिनट तक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की गरà¥à¤® या ठंडी सिकाई करें। मांसपेशियों को आराम देने के लिठगà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाना à¤à¥€ फायदेमंद रहता है।
सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग, योग, सà¥â€à¤µà¥€à¤®à¤¿à¤‚ग, सही पोसà¥â€à¤šà¤° में बैठने या खड़े होने, दिनà¤à¤° खूब पानी पीने, आराम करने और सिर की हलà¥â€à¤•ी मालिश करने से सिरदरà¥à¤¦ से राहत मिल सकती है।
डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह के बिना सिरदरà¥à¤¦ के उपचार के लिठकोई à¤à¥€ दरà¥à¤¦ निवारक दवा न लें।
| --------------------------- | --------------------------- |